बेनेथ ने इंडिपेंडेंट में छपने वाले अपने अख़बार में लिखा कि गुरुवार की सुबह ट्रम्प ने फ़ॉक्स बिज़नेस नेटवर्क को जो इंटरव्यू दिया उससे यह ज़ाहिर हो गया कि ट्रम्प को भी अच्छी तरह मालूम है कि वह चुनाव हार रहे हैं।
महिला पत्रकार ने इंटरव्यू में जब 2016 में उनकी प्रतिद्वंद्वी रह चुकीं हिलैरी क्लिंटन के बारे में सवाल पूछ लिया तो ट्रम्प को ग़ुस्सा आ गया और टेलीफ़ोन पर उन्होंने लगभग चीख़ते हुए कहा कि हिलैरी क्लिंटन के ख़िलाफ़ चार्जशीट क्यों नहीं लगाई जाती? एंकर इंटरव्यू समाप्त करने की कोशिश कर रही थीं मगर ट्रम्प चिल्लाए जा रहे थे।
लेखक का कहना है कि ट्रम्प जिस तरह हिलैरी क्लिंटन पर हमले कर रहे हैं उससे साफ़ ज़ाहिर है कि वह हताशा में हैं वह इस सच्चाई का सामना नहीं कर पा रहे हैं कि अब उनका मुक़ाबला हिलैरी क्लिंटन नहीं जो बाइडन से है।
ट्रम्प ने कोरोना से संक्रमित होने के मामले में जो कुछ किया है उससे भी यही ज़ाहिर है कि ट्रम्प मायूस हो चुके हैं।
जब से ट्रम्प अस्पताल गए वह इसी कोशिश में लगे रहे कि ख़ुद को बहुत मज़बूत और स्वस्थ दिखाएं जैसे मैच हार रहा खिलाड़ी ख़ुद को बार बार यह समझाता है कि अभी वह खेल का रुख बदल सकता है।